DIVYA TYPHOGRIT 125G-T एक आयुर्वेदिक उत्पाद है जिसे पतंजलि द्वारा निर्मित किया गया है। इसका उपयोग विशेष रूप से टाइफाइड (मियादी बुखार) और उससे संबंधित लक्षणों के इलाज में किया जाता है।
📌 डिव्य टायफोग्रिट के उपयोग (Benefits in Hindi):
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टायफाइड (Typhoid) में लाभकारी
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यह शरीर से टाइफाइड के बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जिससे बुखार जल्दी ठीक हो।
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बुखार से राहत
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लंबे समय तक चलने वाले बुखार (मियादी बुखार) में राहत देता है।
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पाचन तंत्र को सुधारता है
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टायफाइड के कारण पाचन पर असर होता है, यह दवा उसे ठीक करती है।
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शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है
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कमजोरी दूर करता है और शरीर को फिर से स्वस्थ बनाता है।
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प्राकृतिक और आयुर्वेदिक दवा
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इसमें हानिकारक केमिकल नहीं होते, जिससे साइड इफेक्ट का खतरा कम होता है।
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💊 खुराक (Dosage):
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वयस्क: दिन में 2 बार, 1-2 गोली या चिकित्सक की सलाह अनुसार।
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डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करें।
⚠️ सावधानियाँ:
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गर्भवती महिलाएं और बच्चों को देने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
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किसी अन्य दवा के साथ लेने से पहले चिकित्सक से पूछें।
आपने “Divya Typhogrit 125G‑T” का ज़िक्र किया था — ऐसा लगता है कि आप “Divya Thyrogrit” के बारे में पूछ रहे हैं, एक आयुर्वेदिक हर्बल टेबलेट जो थायराइड सम्बन्धी समस्याओं में सहायता करता है।
Divya Thyrogrit – विस्तृत जानकारी
1. उद्देश्य (Uses)
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थायराइड ग्रंथि के कार्य में सुधार: यह दवा हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों स्थितियों में लाभ पहुँचाने में सहायक हो सकती है क्योंकि यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन को संतुलित करने में मदद करती है।
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गँड (Galgand / गोइटर) यानी थायराइड ग्रंथि के सूजन या वृद्धि को कम करने में सहायक।
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शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालना (Detoxification) एवं समग्र स्वास्थ्य व शारीरिक स्थिति में सुधार।
2. प्रमुख सामग्री (Ingredients)
प्रति टैबलेट मौजूद सामग्री निम्नलिखित है:
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धनिया (Coriandrum sativum) Extract – 50 mg
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कचनार छाल (Bauhinia variegata bark) – 100 mg
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सिंघाड़ा (Trapa bispinosa fruit) – 50 mg
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बहेड़ा (Terminalia bellirica fruit rind) – 50 mg
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पुनर्नवा (Boerhaavia diffusa root) – 50 mg
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त्रिकटु (Trikatu powder) – कुल 100 mg (शोठ aka अदरक, पिप्पल, मरीच का मिश्रण)
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शुद्ध गुग्गुल (Commiphora mukul resin) – 100 mg
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Excipients (गम एशिआकिया, टैलक, MCC, क्रोसकारमेलोज़ सोडियम)
3. खुराक और उपयोग निर्देश (Dosage & Directions)
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खुराक: भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार, प्रत्येक बार दो टैबलेट। या फिर चिकित्सक की सलाह अनुसार।
4. सुरक्षित उपयोग (Safety Information)
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निर्देश पढ़ें और अधिक मात्रा न लें।
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ठंडी और सूखी जगह में, सूर्य की सीधी रोशनी से दूर रखें।
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बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
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अन्य हर्बल या थायराइड संबंधित दवाइयों के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।
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गर्भवस्था, स्तनपान, या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के दौरान उपयोग से पहले चिकित्सक से परामर्श लें।
5. संभावित लाभ (Benefits Summary)
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थायराइड हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है।
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गोइटर यानी गँड की समस्या में राहत पहुँचाता है।
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थायराइड से जुड़ी कमजोरी, थकान आदि लक्षणों में सुधार कर सकता है।
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हर्बल सामग्री होने के कारण पारंपरिक दवाओं की अपेक्षा कम साइड-इफेक्ट का दावा किया जाता है।
सारांश टेबल
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| उपयोग | थायरॉयड संतुलन, (गोइटर), विषहरण |
| मुख्य सामग्री | धनिया, कचनार छाल, सिंघाड़ा, बहेड़ा, पुनर्नवा, त्रिकटु, शुद्ध गुग्गुल |
| खुराक | दिन में 2 बार, 2 टैबलेट, भोजन के बाद |
| सुरक्षा | अधिक मात्रा से बचें, निर्देश पढ़ें, बच्चे व डायरेक्ट सूर्य से दूर रखें |
| लाभ | थायरॉयड स्वास्थ्य में सुधार, ऊर्जा, विषाक्तता नियंत्रण |
सुझाव
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चिकित्सकीय सलाह: थायराइड की समस्या (जैसे टीएसएच स्तर, हार्मोन रिपोर्ट आदि) की पुष्टि के बाद ही दवा प्रारंभ करें।
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नियमित मॉनिटरिंग: उपचार के दौरान थायराइड परीक्षण समय-समय पर करवाते रहें।
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जीवनशैली में सुधार: थायराइड नियंत्रण हेतु आहार, योग, तनाव प्रबंधन भी सहयोगी होते हैं




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